आपका मन महाचुंबक है। आपके विचार के अनुरुप वह ब्रह्माण्ड की अच्छी -बुरी शक्तियाँ आकर्षित करता है। आपका मन सकारात्मक सोच रखता है तो आपकी ओर सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होगी , यही मन अगर नकारात्मक सोच रखता है तो आपकी ओर नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होगी। आपके मन के गुप्त प्रदेश में अनजाने में जो कुछ निरंतर चल रहा है उसकेव्दारा आपका जीवन निर्माण होता है। मन के गुप्त प्रदेश में जो कुछ हो रहा है उसकी ओर नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। मन के गुप्त प्रदेश में चलनेवाली हरक़तोंको सावधानीसे न देखनेके कारण जीवन नारकीय भी बन जाता है। मन की चुंबकीयशक्ति की ओर ध्यान देना जरुरी है। मन के गुप्त प्रदेश पर ध्यान देना केवल जरुरी ही नहीं वह अनिवार्य है। मन के गुप्त प्रदेश से ही आप जो चाहोगे वह प्राप्त करते हो , बाहरसे कुछ भी नहीं मिलता है , जो भी जीवन में अच्छा - बुरा मिलता है वह नशीबसे नहीं मन के विशाल भंडार से ही वह मिलता है। आपकी चुम्बकीय शक्ति को साधारण ना समझो। वह अनन्य साधारण है इसपर पूर्ण विश्वास करो।